काम का भविष्य यहीं है, लेकिन नियुक्तियां गति नहीं पकड़ पाई हैं
समस्या प्रतिभा नहीं है - समस्या यह है कि कंपनियां इसे कैसे परिभाषित करती हैं और ढूंढती हैं। कंपनियाँ आज एक ऐसे विरोधाभास का सामना कर रही हैं जिसे वे हल नहीं कर पा रही हैं: पद खाली होते जा रहे हैं